पटना: BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के कथित विवादित बयान को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने परीक्षा नियंत्रक के बयान को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली और TRE परीक्षा के नियमों में बार-बार हो रहे बदलाव पर सवाल उठाए।
राजेश राम ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि बिहार सरकार के अधिकारी पढ़े-लिखे हैं या अनपढ़। उन्होंने आरोप लगाया कि TRE परीक्षा के नियमों में लगातार संशोधन से साफ है कि सरकार की इच्छाशक्ति कमजोर है और वह शिक्षक भर्ती परीक्षा कराना ही नहीं चाहती।
‘एक बार नियम बनाओ और बहाली करो’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर सरकार को शिक्षक भर्ती करनी है तो एक बार नियम तय करके परीक्षा करा दे और बहाली की प्रक्रिया पूरी करे। उनका आरोप है कि सरकार बार-बार संशोधन के नाम पर परीक्षा को टाल रही है।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को लगातार इंतजार कराया जा रहा है और नियमों में बदलाव से छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
राजेश राम ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी की कथित ‘बड़बोलापन’ वाली राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े नेताओं के बयानों को देखकर अधिकारी भी उसी तरह बोलने लगे हैं।
उन्होंने परीक्षा नियंत्रक के कथित बयान को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने वाले अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने बिहार सरकार से मांग की कि विवादित बयान के मामले में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
TRE अभ्यर्थियों का मुद्दा फिर गरमाया
TRE परीक्षा के नियमों और प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पहले से असंतोष है। अब BPSC परीक्षा नियंत्रक के कथित बयान और उस पर कांग्रेस के हमले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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