पटना: NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन की तपिश अब सड़क से निकलकर विधानसभा तक पहुंच गई है। प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को कई विधायक अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे हटाकर विधानसभा पहुंचे।
सियासी माहौल को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।
विधायकों ने क्यों हटाए गाड़ियों से झंडे?
छात्र आंदोलन और बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच कई विधायकों ने विधानसभा पहुंचने के दौरान अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे हटा दिए। राजनीतिक गलियारों में इसे सुरक्षा और सतर्कता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
सड़क पर छात्र, सदन में सरकार-विपक्ष आमने-सामने
NEET पेपर लीक मामले को लेकर बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर और मधुबनी समेत कई जिलों में छात्र सड़कों पर उतरे। वैशाली में प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका।
वहीं पटना में प्रशासन ने सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया है। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ बड़ी संख्या में जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
विधानसभा की सुरक्षा बढ़ी
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा और रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। भागलपुर में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि पटना में डीएम और एसएसपी खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि छात्रों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में किस राजनीतिक दिशा में जाता है और क्या सरकार व विपक्ष के बीच यह मुद्दा विधानसभा के अंदर और बाहर और ज्यादा गरमाता है।
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