रांची: JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच शुक्रवार देर रात सियासी और प्रशासनिक हलचल उस वक्त बढ़ गई, जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अचानक रांची सदर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने आंदोलन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती कराए गए छात्र राहुल क्रांतिकारी से मुलाकात की और डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
राहुल क्रांतिकारी आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे थे। तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल टीम को उनके इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रखने का निर्देश दिया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
अस्पताल से आंदोलन स्थल तक पहुंचा सरकार का संदेश
छात्र से मुलाकात के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आंदोलन कर रहे युवाओं को भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्र सरकार के लिए अपने बच्चों जैसे हैं और उनका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि किसी भी छात्र के जीवन को खतरे में नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
आपका हर दुख-दर्द हमारा अपना है
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों और चिंताओं को सरकार गंभीरता से सुनने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक लोकतंत्र में संवाद और सकारात्मक बातचीत के जरिए ही किसी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि उनका जीवन अनमोल है और सरकार उनके साथ खड़ी है। मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सार्थक बातचीत से सम्मानजनक समाधान निकाला जा सकता है।
अब नजर बातचीत पर
JPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है और छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट पहल की मांग कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का अस्पताल पहुंचकर आंदोलनकारी छात्र से मिलना सरकार की ओर से संवाद का संदेश माना जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल में हुई इस मुलाकात के बाद क्या आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच बातचीत की कोई ठोस पहल होती है? फिलहाल निगाहें सरकार के अगले कदम और छात्रों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: घर की मिट्टी की दीवार गिरी तो खुला ‘पुराना राज’, मलबे में बिखरे 300 से ज्यादा चांदी के सिक्के!