हजारीबाग: जिले के टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में शुक्रवार को एक पुराना मिट्टी का मकान गिरने के बाद ऐसा नजारा सामने आया, जिसने पूरे इलाके में कौतूहल पैदा कर दिया। दीवार ढहते ही मलबे में 300 से अधिक चांदी के पुराने सिक्के बिखरे मिले। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण अमनारी निवासी बैजू महतो का करीब 200 साल पुराना मिट्टी का मकान कमजोर हो गया था। शुक्रवार सुबह अचानक मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के भीतर बने एक हिस्से में रखा मिट्टी का कलश भी टूट गया। कलश टूटते ही उसमें रखे चांदी के सिक्के मलबे के ऊपर बिखर गए।
परिवार के लोगों ने जब सिक्के देखे तो वे भी हैरान रह गए। बैजू महतो के बेटे नंद किशोर प्रसाद के अनुसार, यह मकान उनके पूर्वजों के समय का है और परिवार में पहले भी दीवार गिरने के दौरान पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई थी। इस बार सिक्कों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है।
सिक्कों को हाथ लगाने से भी कतरा रहा परिवार
सबसे दिलचस्प बात यह है कि सिक्के मिलने के बाद भी परिवार ने उन्हें उठाकर अपने पास नहीं रखा है। परिवार का कहना है कि उनकी पुरानी मान्यता है कि इन सिक्कों को चोरी करने वाले के साथ अनहोनी हो सकती है। इसी वजह से 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी सिक्के मलबे में ही पड़े रहे।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। कोई इसे परिवार की पुश्तैनी धरोहर बता रहा है तो कोई पुराने समय में छिपाकर रखी गई संपत्ति मान रहा है। गांव में यह चर्चा भी तेज हो गई कि परिवार के दूसरे पुराने मकान की दीवारों में भी ऐसी कोई पुरानी संपत्ति छिपी हो सकती है।
प्रशासन को दी गई जानकारी
मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंची है। टाटीझरिया के अंचलाधिकारी अमित कुमार झा ने बताया कि एक पुराने घर की दीवार से चांदी के सिक्के निकलने की सूचना मिली है। इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और उनके निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सिक्के घर की दीवार से निकलने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि जमीन के अंदर से मिलने वाली संपत्ति और घर की दीवार से मिली वस्तु के संबंध में कानूनी स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए अंतिम निर्णय वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद ही लिया जाएगा।
फिलहाल सिक्के उसी स्थान पर रखे होने की बात कही जा रही है। वहीं, एक पुराने मिट्टी के घर के ढहने से निकले चांदी के सिक्कों ने अमनारी गांव को अचानक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इन सिक्कों की वास्तविक उम्र, उत्पत्ति और ऐतिहासिक महत्व क्या है।
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