दुमका: झारखंड सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शराब की कालाबाजारी रोकने को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। दुमका में उत्पाद विभाग और पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि विभाग पहले से ही विवादों से जुड़ा रहा है, इसलिए हर हाल में पारदर्शी तरीके से काम करना होगा।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्पाद विभाग के लिए 4600 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में संथाल परगना प्रमंडल के छह जिलों—दुमका, देवघर, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित भ्रमण करने और अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने पेयजल विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि गंगा के पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने जल जीवन मिशन से जुड़ी लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं को जमीन पर उतारने में लापरवाही मिलने पर सिर्फ अधिकारियों ही नहीं, बल्कि संबंधित ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हुई है, लेकिन इस बार इसे लेकर राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सही मतदाताओं का नाम नहीं छूटना चाहिए और गलत लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
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