शेखपुरा: एक्सचेंज रोड स्थित जीआईपी पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के बीच मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय की कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने आकर्षक और रचनात्मक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद निर्णायक मंडली में शामिल रोजी कुमारी, निधि कुमारी, रूचि गोस्वामी और दी-पा कुमारी ने सभी टीमों की मेहंदी डिजाइन का बारीकी से अवलोकन किया। निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन करना आसान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सभी टीमों का प्रयास सराहनीय था और प्रत्येक दल ने एक से बढ़कर एक डिजाइन तैयार की थी।
निर्णायक मंडली ने प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा करते हुए सोनम और अनुष्का की टीम को प्रथम स्थान प्रदान किया। वहीं नदा जिकरा और ऋषिका की टीम ने द्वितीय स्थान हासिल किया। तृतीय स्थान संयुक्त रूप से नव्या एवं वंदन तथा इशिका एवं रिचा की टीम को दिया गया।
निर्णायकों ने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने अपनी कला और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में किसी एक टीम को विजेता घोषित करना काफी कठिन था, लेकिन प्रतियोगिता की प्रक्रिया के तहत स्थान निर्धारित करना आवश्यक था।
रचनात्मक कौशल के विकास में सहायक हैं ऐसे आयोजन : प्राचार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों के रचनात्मक कौशल का गुणात्मक विकास होता है। साथ ही ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीत या हार केवल एक पहलू है। इसका वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करना, जिम्मेदारी लेना और उसे सही तरीके से निभाना सिखाना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा को सामने लाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी छात्र-छात्राओं को भविष्य में भी इस तरह की रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: अशोकधाम हादसे के बाद डीएम के पत्र पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा मजाक!