बिहार के गया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ईंट भट्ठे में दशकों से चल रही बंधुआ मजदूरी का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। जिला प्रशासन की कार्रवाई में 62 मजदूरों और उनके परिवारों को आज़ाद कराया गया।
यह पूरी कार्रवाई जिला पदाधिकारी शशांक शुभांकर को मिली गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई। उनके निर्देश पर फतेहपुर प्रखंड के पूर्वी बथान गांव स्थित RYC ईंट भट्ठे पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान जो सामने आया, वह हैरान कर देने वाला था। कई मजदूर ऐसे मिले, जो वर्षों से उसी भट्ठे में काम करने को मजबूर थे। इनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो बंधुआ मजदूरी के इस चक्र में फंसे हुए थे।
रेस्क्यू के बाद पीड़ितों ने बताया कि वे लंबे समय से इस बंधन में जी रहे थे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। प्रशासन की इस कार्रवाई ने उनके लिए नई जिंदगी की उम्मीद जगा दी है।
कार्रवाई के दौरान भट्ठा संचालक रामाशीष यादव फरार हो गया, जबकि मुंशी देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
प्रशासन ने सभी मुक्त मजदूरों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया है और पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
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