लखीसराय: डीएवी पब्लिक स्कूल लखीसराय में आयोजित चार दिवसीय डीएवी राष्ट्रीय कबड्डी पूर्वाभ्यास शिविर-2026 का गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के बीच समापन हुआ। 5 से 8 अक्टूबर तक चले इस शिविर में बिहार के अलग-अलग डीएवी पब्लिक स्कूलों से पहुंचे 80 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चार दिनों तक खिलाड़ियों ने मैदान पर पसीना बहाते हुए कबड्डी की तकनीक, रणनीति और टीमवर्क के गुर सीखे।
शिविर में गयाजी कैंट, महाराजगंज, शेरघाटी, वालमी, परसाबाजार, मोहनियां और शिवहर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों में प्रशिक्षण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
रेड से लेकर चेन डिफेंस तक सीखे खेल के गुर
प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को रेड, डिफेंस, टैकल, चेन डिफेंस, बोनस प्वाइंट, फुटवर्क और टीम समन्वय जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को केवल तकनीक ही नहीं सिखाई, बल्कि मैच के दौरान तेजी से निर्णय लेने, शरीर का संतुलन बनाए रखने और विरोधी टीम की रणनीति को समझने का अभ्यास भी कराया।
प्रशिक्षकों की टीम में डीएवी पब्लिक स्कूल लखीसराय के विकास दुबे, विकास मलिक और राजनंदनी के साथ जिला कबड्डी संघ लखीसराय के कोच शुभम सिंह और बालिका कोच अंशिका शांडिल्य शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने अलग-अलग अभ्यास सत्रों में अपनी तकनीक और खेल क्षमता को बेहतर करने का प्रयास किया।
प्राचार्या ने कहा- खेल मैदान से बनता है आत्मविश्वास
समापन समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल लखीसराय की प्राचार्या सुधा झा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित होती है।
उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास जारी रखने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्या ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर देते हैं। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने में भी इन शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
खेल के साथ अनुशासन का भी मिला प्रशिक्षण
चार दिनों के दौरान खिलाड़ियों को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के साथ खेल भावना और अनुशासन का महत्व भी समझाया गया। अलग-अलग स्कूलों से आए खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के साथ अभ्यास कर नई तकनीकों को सीखा और टीम के रूप में बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया।
शिविर में खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी से पूरे आयोजन में उत्साह बना रहा। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान खिलाड़ियों ने रेड और डिफेंस की तकनीकों को बार-बार दोहराया और मैच जैसी परिस्थितियों में उन्हें लागू करने का अभ्यास किया।
खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट देकर किया गया सम्मानित
समापन समारोह के अवसर पर खिलाड़ियों को उनके उत्साह, अनुशासन और उत्कृष्ट सहभागिता के लिए स्पोर्ट्स किट देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर खिलाड़ियों में खुशी देखने को मिली।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से बाहर से आए खिलाड़ियों के लिए ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। चार दिनों तक चले शिविर के दौरान खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे आयोजन
समापन के मौके पर विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने के लिए भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
चार दिनों के इस शिविर में खिलाड़ियों ने सिर्फ कबड्डी के दांव-पेंच नहीं सीखे, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और मैदान पर सही समय पर सही फैसला लेने का हुनर भी अपने साथ लेकर लौटे।
ये खबर भी पढ़े: ट्रेन में थमने लगीं सांसें… जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था यात्री, RPF ने CPR देकर जगाई उम्मीद!
