11
BREAKING NEWS
‘भारत के असली बॉस’ कौन? एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर कसा तंज, स्टारलिंक की एंट्री पर छिड़ी बहस!रोहिणी आचार्य का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं—‘लोकतंत्र में जनता की मर्जी चलेगी’; SIR विवाद पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान!कबड्डी में लखीसराय का दबदबा; दो वर्गों में चैंपियन, एक में उपविजेता; बिहार टीम में बनाई जगह!दिल्ली में आंदोलन, शेखपुरा में हिरासत! क्या प्रदर्शन से पहले ही डर गया जिला प्रशासन?ध्रुव राठी समेत 600 लोग हिरासत में; CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, सड़कों पर कीलें और मेट्रो-ट्रेन पर पाबंदियां!जमानत मिली किसी और को… लेकिन जेल से बाहर निकल गया दूसरा कैदी!आपकी चावल की बोरी असली है या नकली? फारबिसगंज में छापेमारी के बाद उठे सवाल!पटना मरीन ड्राइव पर स्टंटबाजी पड़ी भारी; दो मामलों में FIR दर्ज, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की तैयारी!गोपालगंज ADM के ठिकानों पर SVU का बड़ा एक्शन! आय से अधिक संपत्ति के आरोप में छापेमारी, 100% से ज्यादा संपत्ति का दावा!हुनर को कारोबार में बदलने की तैयारी; शेखपुरा में आरसेटी के ऋण शिविर में 76 युवाओं ने बढ़ाया कदम!इस बार सर्दी में गर्मी का एहसास, 1950 के बाद का सबसे मजबूत अल नीनो, बिगड़ेगा ठंड का मिजाज!मोतिहारी जेल पहुंचे विधानसभा समिति के सभापति फैसल रहमान, पीड़ित परिवार ने लगाया गंभीर आरोप; स्पीकर से की कार्रवाई की मांग!घी के दीयों से रोशन हुआ देवघाट, पितरों के नाम जली आस्था की रोशनी; मनाई गई पितृ दीपावली!पटना में SIR के खिलाफ महागठबंधन का आक्रोश मार्च, बैरिकेडिंग पर चढ़े तेजस्वी; प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बढ़ा तनाव!वैशाली के लाल प्रमोद भगत संभालेंगे तिरंगा, एशियाई पैरा खेलों में बनेंगे भारत के ध्वजवाहक!
No menu items available
BREAKING
‘भारत के असली बॉस’ कौन? एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर कसा तंज, स्टारलिंक की एंट्री पर छिड़ी बहस!रोहिणी आचार्य का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं—‘लोकतंत्र में जनता की मर्जी चलेगी’; SIR विवाद पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान!कबड्डी में लखीसराय का दबदबा; दो वर्गों में चैंपियन, एक में उपविजेता; बिहार टीम में बनाई जगह!दिल्ली में आंदोलन, शेखपुरा में हिरासत! क्या प्रदर्शन से पहले ही डर गया जिला प्रशासन?ध्रुव राठी समेत 600 लोग हिरासत में; CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, सड़कों पर कीलें और मेट्रो-ट्रेन पर पाबंदियां!जमानत मिली किसी और को… लेकिन जेल से बाहर निकल गया दूसरा कैदी!आपकी चावल की बोरी असली है या नकली? फारबिसगंज में छापेमारी के बाद उठे सवाल!पटना मरीन ड्राइव पर स्टंटबाजी पड़ी भारी; दो मामलों में FIR दर्ज, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की तैयारी!गोपालगंज ADM के ठिकानों पर SVU का बड़ा एक्शन! आय से अधिक संपत्ति के आरोप में छापेमारी, 100% से ज्यादा संपत्ति का दावा!हुनर को कारोबार में बदलने की तैयारी; शेखपुरा में आरसेटी के ऋण शिविर में 76 युवाओं ने बढ़ाया कदम!इस बार सर्दी में गर्मी का एहसास, 1950 के बाद का सबसे मजबूत अल नीनो, बिगड़ेगा ठंड का मिजाज!मोतिहारी जेल पहुंचे विधानसभा समिति के सभापति फैसल रहमान, पीड़ित परिवार ने लगाया गंभीर आरोप; स्पीकर से की कार्रवाई की मांग!

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

‘भारत के असली बॉस’ कौन? एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर कसा तंज, स्टारलिंक की एंट्री पर छिड़ी बहस!
35 minutes ago
रोहिणी आचार्य का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं—‘लोकतंत्र में जनता की मर्जी चलेगी’; SIR विवाद पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान!
43 minutes ago
कबड्डी में लखीसराय का दबदबा; दो वर्गों में चैंपियन, एक में उपविजेता; बिहार टीम में बनाई जगह!
53 minutes ago
दिल्ली में आंदोलन, शेखपुरा में हिरासत! क्या प्रदर्शन से पहले ही डर गया जिला प्रशासन?
1 hour ago
ध्रुव राठी समेत 600 लोग हिरासत में; CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, सड़कों पर कीलें और मेट्रो-ट्रेन पर पाबंदियां!
1 hour ago

जमानत मिली किसी और को… लेकिन जेल से बाहर निकल गया दूसरा कैदी!

नालंदा: जेल का दरवाजा खुला, एक बंदी बाहर निकल गया और कागजों में रिहाई किसी दूसरे कैदी की दर्ज हो...

नालंदा: जेल का दरवाजा खुला, एक बंदी बाहर निकल गया और कागजों में रिहाई किसी दूसरे कैदी की दर्ज हो गई! नालंदा की बिहारशरीफ मंडल कारा से सामने आई यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती। फर्क सिर्फ इतना है कि यह कोई फिल्मी पटकथा नहीं, बल्कि जेल में रिहाई की प्रक्रिया के दौरान हुई कथित गंभीर चूक का मामला है।

हैरानी की बात यह है कि जिस कैदी को जमानत मिली थी, वह जेल में ही बंद रहा, जबकि दूसरे मामले में बंद उसका हमनाम कैदी बाहर निकल गया। बताया जाता है कि दोनों के नाम और पिता के नाम को लेकर भ्रम पैदा हुआ। 24 सितंबर को हुई इस गड़बड़ी का पता जेल प्रशासन को 1 अक्टूबर को चला। इसके बाद वास्तविक जमानत प्राप्त कैदी को रिहा किया गया और गलत तरीके से बाहर निकला बंदी भी अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण कर गया।

जमानत एक की, आजादी दूसरे को कैसे मिली?

बिहारशरीफ मंडल कारा में सतीश चौहान उर्फ सतीश बिंद और चंद्रदीप चौहान उर्फ चंद्रदीप बिंद अलग-अलग मामलों में बंद थे। जानकारी के अनुसार, सतीश के पिता का नाम भी चंद्रदीप था। आरोप है कि इसी नाम के भ्रम में रिहाई की कागजी प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी हो गई।

जिस सतीश को जमानत मिलने के बाद रिहा किया जाना था, वह जेल में ही रह गया। दूसरी ओर, चंद्रदीप जेल से बाहर निकल गया। यानी रिकॉर्ड में रिहाई किसी और की और जेल के गेट से बाहर दूसरा व्यक्ति!

सात दिन तक किसी को क्यों नहीं लगी भनक?

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कथित गड़बड़ी का खुलासा तुरंत नहीं हुआ। करीब सात दिन बाद, 1 अक्टूबर को रिपोर्ट तैयार करने के दौरान रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तब पता चला कि जमानत पाने वाला कैदी अभी जेल में है और दूसरा बंदी बाहर जा चुका है।

इसके बाद जेल प्रशासन में हलचल मच गई। 2 अक्टूबर को सतीश चौहान को नियमानुसार रिहा किया गया। वहीं, गलत तरीके से बाहर निकला चंद्रदीप उसी दिन दोपहर करीब तीन बजे बिहारशरीफ कोर्ट पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।

एक केस में बेल, दूसरे केस का क्या हुआ?

मामले में यह भी बताया गया है कि चंद्रदीप चौहान उर्फ बौना के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज थे। उसे एक मामले में जमानत मिली थी, जबकि दूसरे मामले में जमानत की प्रक्रिया लंबित थी। इसके बावजूद उसका जेल से बाहर निकल जाना रिहाई के समय सभी मामलों की स्थिति जांचने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

हालांकि, संबंधित केस रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि रिहाई के समय किन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था और गलती किस स्तर पर हुई।

तीन वार्डन सस्पेंड, अब जवाबदेही पर सवाल

घटना सामने आने के बाद जेल अधीक्षक ने संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा और रिपोर्ट कारा मुख्यालय, पटना भेजी। इसके बाद कारा आईजी ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन वार्डन को निलंबित कर दिया। एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर गलत तरीके से रिहा हुआ कैदी खुद अदालत में आत्मसमर्पण करने नहीं पहुंचता, तो जेल प्रशासन को इस चूक का पता कब चलता? क्या केवल नाम और पिता के नाम के आधार पर पहचान में भ्रम हो सकता है, या रिहाई से पहले दस्तावेजों के मिलान में भी गंभीर कमी रही?

इस घटना ने जेल की रिहाई व्यवस्था और रिकॉर्ड सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि गलती कैसे हुई, उसकी जिम्मेदारी किन लोगों पर तय होती है और भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

ये खबर भी पढ़े: आपकी चावल की बोरी असली है या नकली? फारबिसगंज में छापेमारी के बाद उठे सवाल!

Mahuaa News

Author at mahuaanews.com
Scroll to Top