लखीसराय: कहते हैं कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, और इस बात को लखीसराय के डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बड़े ही खूबसूरत अंदाज में साबित कर दिखाया। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctors’ Day) के मौके पर स्कूल परिसर में एक बेहद खास सम्मान सभा का आयोजन किया गया, जहां डॉक्टरों की निस्वार्थ सेवा को सलाम किया गया।
स्कूल के प्राचार्य डॉ. निरंजन कुमार ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के त्याग को याद करते हुए उन्हें ‘धरती का देवदूत’ बताया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खौफनाक दौर से लेकर आज तक, इन योद्धाओं ने अपनी जान दांव पर लगाकर हमें सुरक्षित रखा है, जिसके लिए पूरा देश उनका कर्जदार रहेगा।
आइए देखते हैं इस कार्यक्रम की कुछ बेहद खूबसूरत और ‘क्यूट’ झलकियां:
UKG के बच्चों का ‘रोल प्ले’ और सीनियर छात्रों की काउंसलिंग
- “डॉक्टर-डॉक्टर मैं बीमार हूँ!”: कार्यक्रम में सबसे ज्यादा वाहवाही लूटी यूकेजी (UKG) के नन्हे-मुन्नों ने। जब छोटे-छोटे बच्चों ने गले में स्टेथस्कोप लटकाकर इस प्यारी कविता पर परफॉर्म किया, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
- नन्हे कलाकारों का जलवा: युविका, नितिक्षा और केशव जैसे बच्चों ने डॉक्टरों की जिंदगी पर एक शानदार नाटिका (रोल प्ले) पेश कर सबका दिल जीत लिया। इसके अलावा बच्चों ने खुद हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड्स और स्लोगन के जरिए डॉक्टरों के प्रति अपना प्यार जताया।
- हेल्थ चेकअप और काउंसलिंग: सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि काम की बात भी हुई। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए स्पेशल काउंसलिंग सेशन रखा गया, जहां सदर अस्पताल के डॉ. वसंत कुमार और जेएनएम सोनी कुमारी ने बच्चियों का बीपी और वजन मापकर उन्हें सेहत के टिप्स दिए।
“यह पेशा नहीं, ईश्वर का दिया पवित्र अवसर है”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष कुमार ने बच्चों को प्रेरित करते हुए एक बेहद पते की बात कही। उन्होंने कहा—“चिकित्सा सिर्फ पैसा कमाने का जरिया या पेशा नहीं है, बल्कि यह ईश्वर द्वारा दिया गया मानवता की सेवा का एक पवित्र अवसर है।” वहीं पीडियाट्रिक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया।
गायत्री मंत्र और दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस शानदार कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका नमिता आनंद ने किया, जबकि अंत में वरिष्ठ शिक्षक एन.आर. नायक ने सभी अतिशियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
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