पटना/दानापुर: बिहार में कबड्डी खेल के विकास और ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार स्टेट कबड्डी एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक दानापुर के शिवाला मोड़ स्थित घिरने एम्यूजमेंट पार्क में आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता बिहार स्टेट कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष अपूर्व सुकांत ने की। बैठक में राज्य सचिव विपुल कुमार सिंह ने वेद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंन के चेयरमैन डॉ.ओमप्रकाश एवं लखीसराय नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान सहित सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से बुके और चादर भेंट कर स्वागत किया।

इस अवसर पर खेल जगत से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य संरक्षक एवं बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, बिहार स्टेट कबड्डी संघ के सभापति कुमार विजय सिंह, एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष रमाकांत सिंह, तथा बिहार राज्य कबड्डी एसोसिएशन के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, सचिव एवं विशेष प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठक में सत्र 2026-27 के लिए होने वाली खेल गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर स्टेट कबड्डी चैंपियनशिप के साथ-साथ राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।

संगठन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीण स्तर से खिलाड़ियों को खोजकर उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र (ट्रेनिंग सेंटर) खोले जाएंगे, जिससे प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सके।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में एथलीट कमेटी के गठन का भी निर्णय लिया गया, ताकि खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण और विकास प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।
बैठक में सभापति कुमार विजय सिंह ने प्रस्ताव रखा कि भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा लागू नई खेल नीति 2025 के तहत सभी जिला और राज्य स्तरीय संघों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
अंत में अध्यक्ष अपूर्व सुकांत ने सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और बैठक की समाप्ति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में कबड्डी और ग्रामीण खेलों के विकास के लिए संगठन लगातार प्रयासरत रहेगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगा।
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