लखीसराय: भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटन ट्रेन के तहत दक्षिण भारत यात्रा को लेकर किऊल स्टेशन पर गुरुवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान आईआरसीटीसी पटना के मुख्य पर्यवेक्षक संजीव कुमार, किऊल स्टेशन अधिकारी हरेन्द्र कुमार तथा पर्यटन सहायक मुकेश कुमार मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि पहली बार भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में किऊल स्टेशन को बोर्डिंग प्वाइंट बनाया गया है। इससे किऊल और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और वे यहीं से अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 8595937731 और 8595937732 जारी किए गए हैं, जबकि ऑफलाइन बुकिंग के लिए किऊल स्टेशन स्थित भोजनालय में संपर्क किया जा सकता है।
यह विशेष ट्रेन 14 जुलाई 2026 को दुमका से रवाना होगी और 12 रात 13 दिन की इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा में तिरुपति बालाजी मंदिर, पद्मावती मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी मंदिर, विवेकानंद रॉक मेमोरियल तथा श्रीशैलम के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल भारत सरकार के ‘देखो अपना देश’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है।
यात्रा के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इकॉनमी क्लास का किराया 25,400 रुपये, स्टैंडर्ड क्लास का 45,550 रुपये और कम्फर्ट क्लास का 55,500 रुपये प्रति यात्री रखा गया है। इस पैकेज में रेल यात्रा, होटल में ठहराव, भोजन, स्थानीय परिवहन, दर्शनीय स्थल भ्रमण, यात्रा बीमा और सुरक्षा जैसी सभी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा 10 या उससे अधिक लोगों की सामूहिक बुकिंग पर प्रति यात्री 750 रुपये की विशेष छूट भी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 350 यात्रियों ने इस यात्रा के लिए पंजीकरण करा लिया है।
आईआरसीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते बुकिंग कर इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ उठाएं।
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