लखीसराय/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की आहट तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि Economic Offences Unit (EOU) की जांच में लखीसराय के पूर्व डीएम मिथिलेश मिश्र के खिलाफ कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
करीबी अधिकारी भी रडार पर
सूत्रों के मुताबिक EOU ने पूर्व डीएम के कई करीबी अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया है। इनमें कला संस्कृति एवं युवा विभाग सह खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन, वरीय उप समाहर्ता शशि कुमार, ICDS की DPO बंदना पांडेय, वरीय उप समाहर्ता (प्रशिक्ष्यमान) प्राची कुमारी और कथित करीबी रविराज पटेल शामिल हैं।
करोड़ों की संपत्ति के सबूत
जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्व डीएम ने प्रयागराज और गोमती नगर (लखनऊ) में करीब 36 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन खरीदी है। इन संपत्तियों के दस्तावेज EOU के हाथ लगने की बात कही जा रही है।
नियमों की अनदेखी और पद का दुरुपयोग
सूत्रों के अनुसार:
- प्राची कुमारी पर नियमों के विरुद्ध अतिथि गृह में निजी गेस्ट के नाम से बुकिंग कराने का आरोप है।
- बंदना पांडेय को भी नियमों के विपरीत कार्यालय आवंटित किया गया।
- शशि कुमार पर शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने में बड़े पैमाने पर लेनदेन का आरोप है, जिसमें गांधी मैदान और म्यूजियम को लेनदेन का केंद्र बताया जा रहा है।
महोत्सव और योजनाओं में गड़बड़ी
सूत्र बताते हैं कि महोत्सव, खेल आयोजन और “लाल पहाड़ी विरासत बचाओ” जैसे कार्यक्रमों के नाम पर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई, जिसमें सीधे तौर पर पूर्व डीएम की भूमिका की जांच हो रही है। कला-संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।
बहाली और ट्रांसफर में खेल
जांच में एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें जिला कृषि कार्यालय के अकाउंटेंट पंकज मिश्रा को पहले बर्खास्त किया गया और फिर महज तीन महीने में बहाल कर सूर्यगढ़ा होते हुए दोबारा जिला कृषि कार्यालय में पोस्टिंग दे दी गई। इसे पद के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
राजनीतिक कनेक्शन भी जांच के दायरे में
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में कुछ “सफेदपोश” और राजनीतिक कनेक्शन भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। वहीं विजय कुमार सिन्हा के करीबी बताए जा रहे पूर्व डीएम पर लगे आरोपों ने सियासी हलकों में भी हलचल मचा दी है।
जिले में मचा हड़कंप
EOU की सात सदस्यीय टीम की सक्रियता और लगातार मिल रहे सुरागों से लखीसराय के प्रशासनिक महकमे में डर और बेचैनी का माहौल है। कभी जनता से जुड़ाव और आयोजनों के लिए चर्चित रहे पूर्व डीएम के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आने से लोग भी हैरान हैं।
फिलहाल EOU की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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