शेखपुरा: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल, बरबीघा में उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 219 गर्भवती महिलाओं को एक ही दिन में व्यापक और निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई। अस्पताल परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ रही और हर चेहरे पर सुरक्षित मातृत्व की उम्मीद साफ नजर आई।
इस दौरान ब्लड प्रेशर, हाइट-वेट, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, यूरिन टेस्ट, HIV और HBsAg जैसी जरूरी जांच की गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने हर गर्भवती महिला की स्थिति का बारीकी से आकलन किया, वहीं अल्ट्रासाउंड के जरिए गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को और खास बनाते हुए संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस का शुभारंभ DDC संजय सर के करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने करीब 210 लाभार्थियों को संबोधित करते हुए मां के त्याग और समर्पण को समाज और राष्ट्र की नींव बताया। उन्होंने कहा कि एक मां न केवल बच्चे को जन्म देती है, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की पहली आधारशिला भी रखती है।
शिविर में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान पर भी विशेष जोर दिया गया। गंभीर एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और पूर्व सिजेरियन जैसी स्थितियों वाली महिलाओं को अलग से परामर्श और निगरानी की सलाह दी गई, ताकि समय रहते सही इलाज मिल सके।
इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फैसल अरशद, डॉ. नूर फातिमा, डॉ. रूपम, अस्पताल प्रबंधक त्रिलोकी नाथ पांडेय, BCM इंदु कुमारी और रोशन कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय रही।
एक दिन में सैकड़ों माताओं तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि व्यवस्था और संकल्प मजबूत हो, तो सुरक्षित मातृत्व का सपना हकीकत में बदला जा सकता है।
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