पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मंगलवार को रोहतास और कैमूर में आयोजित सभाओं में राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। सभा के दौरान जब कुछ लोग आपस में बातचीत कर रहे थे, तो सीएम मंच से ही नाराज हो गए और बोले—“अरे बीच में क्या कर रहे हो, सुनो चुपचाप… सुनोगे तभी ना जानोगे।”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार की स्थिति काफी खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कानून-व्यवस्था कमजोर थी, लोग शाम के बाद घरों से निकलने में डरते थे और शिक्षा, स्वास्थ्य व सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल थीं।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद राज्य में तेजी से विकास कार्य हुए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, स्कूलों की संख्या में वृद्धि, सड़कों का जाल और बिजली व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में डर का माहौल खत्म हो चुका है और सभी वर्गों के लिए बेहतर माहौल बना है।
सभा में उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द पर भी जोर देते हुए कहा कि पहले हिंदू-मुस्लिम विवाद अधिक होते थे, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से स्थिति में सुधार आया है। कब्रिस्तानों और मंदिरों की घेराबंदी कर विवादों को कम करने का काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक लाखों युवाओं को रोजगार दिया गया है और आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बिजली और सोलर योजना को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
इस दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार में आने वाले समय में सरकार का नेतृत्व फिर से नीतीश कुमार ही करेंगे। वहीं सम्राट चौधरी ने कैमूर में हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कैमूर में करीब 300 करोड़ और रोहतास के डेहरी में लगभग 480 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
समृद्धि यात्रा का पांचवां चरण 26 मार्च को पटना में समाप्त होगा।
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