लखीसराय: जिले में आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार लगातार समीक्षा बैठक कर संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दे रहे हैं और हर स्तर पर तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
बैठक के दौरान डीएम ने प्रचार-प्रसार, कर्मियों की तैनाती, शिकायत काउंटर की व्यवस्था, पंजी संधारण और शिविर स्थलों पर उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से शिविर स्थलों का निरीक्षण कर सभी तैयारियां समय पर पूरी कराएं।
जिला स्तर से नामित वरीय पदाधिकारी भी लगातार चिन्हित स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान तय चेकलिस्ट के हर बिंदु पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पदाधिकारी को सौंपी जा रही है, जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
डीएम ने सख्त निर्देश दिया है कि सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शिविर स्थलों का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद स्पष्ट टिप्पणी के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। साथ ही पंचायत स्तर पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करते हुए आवेदनों के पंजीकरण और निष्पादन की रिपोर्ट नियमित रूप से देने को कहा गया है।
इसके अलावा “संवाद”, “समाधान”, सीएम डैशबोर्ड और ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम से जुड़े लंबित मामलों को पंचायतवार चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पंचायत सरकार भवनों का निरीक्षण कर वहां कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए आवश्यकतानुसार ब्रीफिंग भी आयोजित की जाएगी।
वहीं, प्रखंड स्तर पर भी शिविरों को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है। पंचायतवार चिन्हित स्थलों पर बैठक कर कर्मियों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं और निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा रही है।
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