लखीसराय में “सहयोग शिविर” अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन की सख्त निगरानी में चल रहा एक बड़ा अभियान बन गया है। जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार के निर्देश पर आज विभिन्न प्रखंडों में लगे शिविरों का निरीक्षण किया गया, जहां व्यवस्था से लेकर शिकायतों के समाधान तक हर पहलू की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान बैनर, प्रचार-प्रसार, शिकायत काउंटर, आवेदन प्रक्रिया, पंजी संधारण और आम नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति को परखा गया। साथ ही मौके पर मौजूद कर्मियों से फीडबैक लेकर शिविर की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।
समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी ने साफ निर्देश दिया कि थाना और प्रखंड स्तर पर आने वाले सभी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। जो मामले लंबित हैं, उनकी अलग सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने दो टूक कहा कि “सहयोग शिविर सरकार की प्राथमिक योजना है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही यह भी बताया गया कि इन शिविरों की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर से की जा रही है।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी कार्यालयों और पंचायत स्तर तक बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने का निर्देश दिया गया, ताकि कर्मियों की मौजूदगी और कामकाज पर सख्त नजर रखी जा सके।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने शिविरों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
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