पटना: महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई। NEET छात्रा से जुड़े मामले समेत हालिया घटनाओं को आधार बनाते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की महिला इकाई ने बुधवार को राजधानी की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इनकम टैक्स गोलंबर से शुरू हुए आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में महिला नेता और कार्यकर्ता शामिल हुईं, जिन्होंने सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर तीखा हमला बोला।
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मार्च के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा लगातार कमजोर होती जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अपराध बढ़ रहे हैं, दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और आम महिलाओं में डर का माहौल बन रहा है।
राजद महिला प्रकोष्ठ की नेताओं ने कहा कि राजधानी पटना तक में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जो सरकार की विफलता को साफ दिखाता है। उनका आरोप था कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनहीन बना हुआ है।
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प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता मीरा यादव ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस शासन को ‘सुशासन’ कहा जा रहा है, वहां चार साल की बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पाने के बाद सरकार महिलाओं की इज्जत और सुरक्षा के सवाल को नजरअंदाज कर रही है, जिससे जनता को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
राजद महिला नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर महिलाओं के अधिकारों की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर गंभीर मामलों में दोषियों को संरक्षण मिलता दिखता है। इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
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महिला राजद ने दो टूक कहा कि पार्टी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के सवाल पर किसी भी कीमत पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक महिलाओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। आक्रोश मार्च में प्रदेश और जिला स्तर की कई महिला पदाधिकारी शामिल रहीं और सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई।