शेखपुरा : जिले के बरबीघा रेफरल अस्पताल में पदस्थापित डॉ. नूर फातिमा ने पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। उन्हें राज्य और जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर के रूप में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में नेतृत्व प्रदान करने का गौरव प्राप्त है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से संबंधित कार्यक्रमों के तहत उन्होंने सैकड़ों डॉक्टरों, नर्सों और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। उनके प्रयासों से बरबीघा और शेखपुरा में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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डॉ. नूर फातिमा प्रशिक्षण, गुणवत्ता निगरानी और सुधार के माध्यम से प्रसव कक्ष और प्रसूति ओटी को सुदृढ़ बनाने में विशेषज्ञ हैं। मातृ और नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए उन्होंने बरबीघा में एचआरपी कार्यक्रम और पीएमएसएमए शिविर का नेतृत्व किया। इसके साथ ही, वह पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन जैसे गर्भनिरोधक कार्यक्रमों के लिए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, SBA, सुरक्षित गर्भपात, सुरक्षित डिलीवरी और नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रमों में भी उनका योगदान लगातार जारी रहा है।
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उनके अथक प्रयासों और समर्पण के कारण बरबीघा और शेखपुरा स्वास्थ्य सेवाओं में पूरे बिहार में शीर्ष स्थान प्राप्त करने में सफल रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए IEC पोस्टर पूरे राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में लगाए गए हैं, जो स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके नेतृत्व में बरबीघा और शेखपुरा के अस्पतालों ने Kayakalp, लक्ष्य और NQAS जैसे प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन भी हासिल किए।
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इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी आरिफ अहसन ने डॉ. नूर फातिमा को उनके 20 वर्षों के समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्य स्तरीय सम्मान और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। जिलाधिकारी ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और मेहनत पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।
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डॉ. नूर फातिमा का कार्य सिर्फ सम्मान पाने तक सीमित नहीं है। उनके प्रयासों से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, माताओं और नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, और स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रशिक्षण क्षमता में भी वृद्धि हुई है। उनका समर्पण बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मिसाल और प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
बरबीघा और शेखपुरा के लोग डॉ. नूर फातिमा की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनके योगदान से यह स्पष्ट होता है कि लगातार मेहनत, समर्पण और नेतृत्व से स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। 20 वर्षों की मेहनत और निष्ठा का यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।
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