वैशाली/पटना: मुजफ्फरपुर में AK-47 बरामदगी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी की टीम ने पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को देर रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद NIA की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है। वहीं, अधिवक्ता के परिजनों ने NIA की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे साजिश के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने केस नंबर R.C. No. 11/2024/NIA/DLI के तहत यह कार्रवाई की। अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित जौहरी बाजार में उनके कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया।
पहले भी दो बार हो चुकी थी छापेमारी
अधिवक्ता के पिता ने दावा किया है कि NIA की टीम इससे पहले भी दो बार उनके घर पर छापेमारी कर चुकी है। उनके मुताबिक, पहली छापेमारी के दौरान घर से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ था। हालांकि, दूसरी छापेमारी को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दूसरी बार एजेंसी ने घर के बाहर स्थित एक कमरे में रिवॉल्वर रखकर उसकी बरामदगी दिखाई थी।
परिजनों का यह भी आरोप है कि दूसरी छापेमारी के दौरान NIA की टीम उनकी लाइसेंसी बंदूक और कुछ नकदी भी अपने साथ ले गई थी। इस संबंध में उन्होंने NIA के डीजी से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायत किए जाने की बात कही है।
NIA की कार्रवाई को कोर्ट में दी गई चुनौती
अधिवक्ता के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि दूसरी बार हुई छापेमारी और जब्ती सूची को पटना स्थित NIA कोर्ट में चुनौती दी गई है। उनके अनुसार, इस मामले में अदालत ने NIA से जवाब भी मांगा है। परिजनों का दावा है कि इसी विवाद के बाद संदीप कुमार सिन्हा की गिरफ्तारी की गई है।
परिजनों ने एजेंसी की कार्रवाई को दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, छापेमारी, बरामदगी और गिरफ्तारी को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। NIA का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
AK-47 बरामदगी मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर में AK-47 बरामदगी से जुड़े इस मामले की जांच NIA कर रही है। इस केस में अब तक छह से अधिक लोगों की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी गई है। इसी कड़ी में देर रात अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा की गिरफ्तारी को जांच की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
फिलहाल, इस गिरफ्तारी के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। एक तरफ NIA की कार्रवाई को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ अधिवक्ता के परिजन एजेंसी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। अब सबकी नजरें अदालत की आगे की कार्रवाई और NIA के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
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