किशनगंज: परीक्षा केंद्र को लेकर किशनगंज के मारवाड़ी कॉलेज में छात्र-छात्राओं का विरोध तेज हो गया है। परीक्षा देने के लिए करीब 70 किलोमीटर दूर पूर्णिया जिले के बैसी क्षेत्र में केंद्र निर्धारित किए जाने से नाराज विद्यार्थियों ने अपनी आवाज बुलंद की है। छात्रों की मांग है कि उनका परीक्षा केंद्र किशनगंज में ही बनाया जाए, ताकि उन्हें लंबी दूरी तय करने, अतिरिक्त खर्च उठाने और यात्रा संबंधी परेशानियों से राहत मिल सके।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने से यात्रा की व्यवस्था और खर्च की चिंता भी बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
70 किलोमीटर का सफर, छात्रों के सामने दोहरी चुनौती
विद्यार्थियों के अनुसार, किशनगंज से पूर्णिया जिले के बैसी क्षेत्र तक परीक्षा देने जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे न केवल आने-जाने में समय लगता है, बल्कि परिवहन और अन्य जरूरी खर्चों का बोझ भी बढ़ता है।
छात्रों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से परेशानी का कारण बन सकती है। परीक्षा के दिन समय पर केंद्र पहुंचने की चिंता भी बनी रहती है। ऐसे में विद्यार्थियों की मांग है कि परीक्षा केंद्र निर्धारित करते समय स्थानीय छात्रों की सुविधा और दूरी को भी ध्यान में रखा जाए।

मारवाड़ी कॉलेज में Gen-Z का विरोध, व्यवस्था पर उठाए सवाल
मारवाड़ी कॉलेज के छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्र के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब वे किशनगंज में पढ़ाई कर रहे हैं, तो उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे जिले में इतनी दूर क्यों जाना पड़ रहा है।
छात्रों ने संबंधित विश्वविद्यालय और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने तथा परीक्षा केंद्र को किशनगंज में निर्धारित करने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक दबाव का सामना न करना पड़े।

विश्वविद्यालय और प्रशासन से जल्द निर्णय की अपील
छात्र-छात्राओं ने संबंधित विश्वविद्यालय और प्रशासन से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उनकी मांग है कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की समीक्षा कर विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराया जाए।
हालांकि, परीक्षा केंद्र को लेकर विश्वविद्यालय या प्रशासन की ओर से किसी नए निर्णय अथवा बदलाव की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में अब विद्यार्थियों की नजर संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर है।
छात्रों की मांग—पढ़ाई हमारी, परीक्षा भी नजदीक हो
इस पूरे मामले में विद्यार्थियों का मुख्य तर्क है कि परीक्षा केंद्र की दूरी कम होने से उनका समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही, लंबी यात्रा के कारण परीक्षा से पहले होने वाली परेशानी भी कम होगी।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विश्वविद्यालय छात्रों की मांग पर विचार कर परीक्षा केंद्र में बदलाव करेगा या विद्यार्थियों को निर्धारित केंद्र पर ही परीक्षा देने जाना होगा? फिलहाल मारवाड़ी कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपनी मांग पर कायम हैं और समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
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