गोपालगंज (बिहार): विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी परशुराम यादव पर अब कानून का शिकंजा और कसने वाला है। गोपालगंज पुलिस ने इस बड़े आर्थिक अपराध का खुलासा करते हुए आरोपी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है। मामला अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) बिहार के जरिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच सकता है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को खाड़ी देशों और अन्य जगहों पर नौकरी दिलाने का झांसा देता था। वह फर्जी पासपोर्ट, वीजा और दस्तावेज तैयार कर मोटी रकम वसूलता था। इस तरह उसने एक संगठित ठगी नेटवर्क खड़ा कर करोड़ों की अवैध कमाई की।
जांच के दौरान उसकी संपत्तियों का जब सत्यापन किया गया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर करीब 78 लाख रुपये की जमीन मिली। इसके अलावा बैंक खातों और एफडी में लगभग 50 लाख रुपये से ज्यादा जमा पाए गए। कई खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला, जो उसकी आय के स्रोत से मेल नहीं खाते।
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने और पैतृक घर के निर्माण व आधुनिकीकरण में करीब 1.40 करोड़ रुपये खर्च किए। लेकिन पूछताछ में वह इन पैसों का कोई वैध स्रोत नहीं बता सका, जिससे साफ है कि यह संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है।
परशुराम यादव का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। साल 2010 से 2026 तक उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज बनाने जैसे कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह एक संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार को चला रहा था।
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने बताया कि जिले में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिन लोगों ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है, उनके खिलाफ PMLA के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले में अगला कदम EOU की जांच और ED की कार्रवाई होगी। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो आरोपी की संपत्तियां जब्त हो सकती हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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रिपोर्ट -कुमार प्रदीप. गोपालगंज (बिहार)