मोतिहारी: सोशल मीडिया की एक दोस्ती ने एक नाबालिग लड़की को ऐसे मोड़ पर पहुंचा दिया, जहां से उसकी जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी। रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और 47वीं वाहिनी एसएसबी की टीम ने नेपाल ले जाई जा रही एक नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया, जबकि एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया है।
मामला रक्सौल के मैत्री ब्रिज के पास का है। जांच के दौरान जवानों की नजर एक युवक और नाबालिग लड़की पर पड़ी। दोनों को देखकर टीम को शक हुआ। पूछताछ में युवक ने खुद को लड़की का रिश्तेदार बताया, लेकिन उसकी कहानी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
गहन पूछताछ में सामने आया कि नेपाल के रौतहट निवासी सेराज देवान (22) की पहचान लड़की से फेसबुक मैसेंजर के जरिए हुई थी। आरोप है कि पहले दोस्ती का भरोसा जीता गया, फिर शादी का सपना दिखाकर लड़की को अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने लड़की की निजी तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर उस पर मानसिक दबाव बनाया और उसे मुजफ्फरपुर बुलाया। इसके बाद वह उसे नेपाल ले जाने की तैयारी में था।
लेकिन बॉर्डर पर बदल गया पूरा खेल…
नेपाल जाने से पहले ही SSB की नजर पड़ गई और कथित साजिश का पर्दाफाश हो गया। पूछताछ में आरोपी ने लड़की को शादी के नाम पर नेपाल ले जाने की बात स्वीकार की है।
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि आरोपी ने भारत का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था। वहीं, लड़की के परिजनों ने बताया कि वह 2 अगस्त से लापता थी और परिवार उसकी तलाश में जुटा था।
एक तरफ सोशल मीडिया का भरोसा, दूसरी तरफ खतरनाक साजिश का शक। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इससे पहले भी वह किसी अन्य लड़की को निशाना बना चुका है।
फिलहाल आरोपी को हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। स्वच्छ रक्सौल संस्था के आवेदन पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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