नई दिल्ली: चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक में शामिल विपक्षी दल सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। विपक्षी नेताओं का जुटान दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर प्रस्तावित है। मार्च को देखते हुए राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शाम चार बजे तक बंद रखने की जानकारी दी गई है।
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर रोक और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठा रहा है। विपक्षी दलों ने हाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया है।
CJI सूर्यकांत से मिलने की मांग खारिज
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मिलने का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, खबर के मुताबिक, CJI ने मुलाकात से इनकार कर दिया।
सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं किए जाने के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह CJI के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका मार्च जारी रहेगा।
विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को सामने रखना चाहता है। दूसरी ओर, चुनाव संबंधी आरोपों और मांगों पर अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया तथा सक्षम संस्थाओं के निर्णयों से स्पष्ट होगी।
छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद
विपक्ष के मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के छह प्रमुख स्टेशनों पर आवाजाही प्रभावित होने की सूचना दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक इन स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रहेंगे।
बंद रहने वाले स्टेशनों में जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, पटेल चौक शामिल है।
इन स्टेशनों के आसपास यात्रा करने वाले लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है। मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को निकलने से पहले संबंधित स्टेशन की ताजा स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, कई जगह बैरिकेडिंग
प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के प्रस्तावित रास्ते और आसपास के इलाकों में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, संसद मार्ग और अन्य प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और मौके की परिस्थितियों के आधार पर सुरक्षा प्रबंधों में बदलाव किए जाने की संभावना है।
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन की आशंका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह छह बजे से कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर डायवर्जन लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रभावित हो सकने वाले इलाकों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान राउंडअबाउट, मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, पटेल चौक और अशोक रोड समेत कई स्थान शामिल हैं।
पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) या एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है। गैर-जरूरी यात्रा से बचने की भी अपील की गई है। यातायात व्यवस्था को मौके के हालात के अनुसार बदला जा सकता है।
SIR और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त विपक्ष ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कुछ कदमों पर गंभीर सवाल हैं और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इन मुद्दों को लेकर INDIA ब्लॉक के नेता लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
हालांकि, वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं। इन दावों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय संबंधित पक्षों के आरोप और मांग के रूप में समझना जरूरी है।
9 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा था ज्ञापन
विपक्षी दलों ने इससे पहले 9 अक्टूबर को संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और विपक्ष की चिंताओं को सामने रखा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। अन्य सांसदों ने विजय चौक पर धरना दिया था।
राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद भी विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। सोमवार का प्रस्तावित मार्च इसी सिलसिले की अगली कड़ी माना जा रहा है।
6 से 9 अक्टूबर तक दिल्ली में हुए प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR के विरोध में विपक्षी सांसदों ने 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को तीन बार हिरासत में लिया गया।
6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाला था। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
7 अक्टूबर को भी विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। रिपोर्ट के अनुसार, आकाशवाणी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में संबंधित शिकायत और पुलिस की कार्रवाई का विवरण अलग से देखा जाना चाहिए।
8 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के सांसद राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सार्वजनिक की थीं।
आज के मार्च पर टिकी नजरें
सोमवार को प्रस्तावित ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के दौरान विपक्षी दल अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। हालांकि, मार्च के रास्ते, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह मौके की स्थिति पर निर्भर करेगा।
राजधानी में मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद रहने और प्रमुख मार्गों पर संभावित डायवर्जन के कारण आम लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में दिल्ली में यात्रा करने वालों के लिए ट्रैफिक पुलिस और मेट्रो की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में तीन प्रमुख मुद्दे केंद्र में हैं—चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग तथा प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था।
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