नालंदा: लोकसभा सांसद और भाजपा नेता मनोज तिवारी मंगलवार को नालंदा पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। इसी दौरान बिहार में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा।
मनोज तिवारी ने कहा कि वह पांच मंत्रालयों की संयुक्त समिति के सदस्य के तौर पर नालंदा के अध्ययन दौरे पर आए हैं। समिति में पर्यटन, संस्कृति और परिवहन समेत विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े विषय शामिल हैं। दौरे का उद्देश्य नालंदा विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं का अध्ययन करना है।
उन्होंने कहा कि समिति यहां की मौजूदा व्यवस्थाओं को देख रही है और अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर नालंदा के विकास को लेकर आगे की योजनाओं पर काम किया जाएगा।
नालंदा की पुरानी पहचान लौटाने पर जोर
मनोज तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप नालंदा की प्राचीन शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान को दोबारा मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। नालंदा को पर्यटन और शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी अध्ययन किया जा रहा है।
उन्होंने संकेत दिया कि समिति की रिपोर्ट के बाद नालंदा को विकास से जुड़ी बड़ी सौगात मिल सकती है।
छात्र आंदोलन पर बोले- शांति से रखें अपनी बात
बिहार में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलनों पर भी मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी समस्याएं शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की जो भी वास्तविक समस्याएं हैं, उन्हें सरकार के संज्ञान में लाया जाना चाहिए और उनका समाधान करने की कोशिश की जाएगी।
तेजस्वी यादव पर तीखा हमला
छात्र आंदोलन के सवाल पर मनोज तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार की आवाज हैं।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई छात्रों को भड़का रहा है?
मनोज तिवारी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने के बजाय उनके समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखें।
विकास और राजनीति दोनों पर हुई चर्चा
नालंदा दौरे के दौरान मनोज तिवारी ने एक ओर जहां पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की संभावनाओं पर बात की, वहीं छात्र आंदोलन और विपक्ष को लेकर दिए बयान ने राजनीतिक चर्चा को भी हवा दे दी।
अब समिति की रिपोर्ट पर नजर रहेगी कि नालंदा के विकास को लेकर केंद्र स्तर पर किन नई योजनाओं और परियोजनाओं की सिफारिश की जाती है।
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