लखीसराय: बौद्ध विहार प्रतिष्ठान के तत्वावधान में शहर के विश्वनाथपुरम स्थित नाथ पब्लिक स्कूल के अंबेडकर वाचनालय में भक्तिकाल के महान कवि एवं साहित्यकार गोस्वामी तुलसीदास की जयंती श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के संस्थापक विश्वनाथ प्रसाद ने की। इस अवसर पर तुलसीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के संस्थापक-सचिव विश्वनाथ प्रसाद ने विद्यार्थियों को गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने अपनी कालजयी रचना ‘रामचरितमानस’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और श्रीराम के मर्यादित चरित्र के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
उन्होंने कहा कि तुलसीदास की रचनाओं में सत्य, धर्म, कर्तव्य, मर्यादा, भक्ति और मानवीय मूल्यों की गहरी झलक मिलती है। ‘रामचरितमानस’ के अलावा ‘हनुमान चालीसा’, ‘विनय पत्रिका’, ‘कवितावली’ और ‘दोहावली’ जैसी उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य और भक्ति परंपरा को समृद्ध किया।
विद्यार्थियों को संस्कार और मूल्यों को अपनाने की अपील
विश्वनाथ प्रसाद ने विद्यार्थियों से तुलसीदास की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सत्य, संस्कार, अनुशासन, सेवा, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे सकारात्मक मूल्यों को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महान साहित्यकारों की रचनाएं केवल पढ़ने के लिए नहीं होतीं, बल्कि उनसे जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलती है। तुलसीदास की रचनाओं में ऐसे अनेक आदर्श मौजूद हैं, जिन्हें अपनाकर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं।
रामभक्ति और साहित्यिक चर्चा से जीवंत हुआ परिसर
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और उनके भक्ति साहित्य पर परिचर्चा की। छात्र-छात्राओं ने रामचरितमानस से संबंधित दोहों और चौपाइयों का पाठ किया। इससे विद्यालय परिसर में भक्तिमय और साहित्यिक वातावरण बन गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने भी तुलसीदास के साहित्य और उनके विचारों की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
समारोह में विद्यालय की प्राचार्या विनीता सिन्हा, नाथ अमिताभ, शिक्षक विद्यासागर, राजीव कुमार, अमरजीत कुमार, दिलीप कुमार सहित शिक्षिकाएं सोनी कुमारी, बिंदु कुमारी, निधि कुमारी, छोटी कुमारी, वंदना कुमारी और रूपा कुमारी मौजूद रहीं। विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर रामभक्ति, साहित्यिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने समारोह को यादगार बना दिया।
अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के आदर्शों और उनकी रचनाओं से मिलने वाली सीख को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। समारोह का समापन श्रद्धा और सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।
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