पटना: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के विरोध में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राजधानी पटना में बड़ा प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से राजभवन तक मार्च निकाला गया। इस दौरान हजारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, करीब पांच किलोमीटर लंबे इस मार्च में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर हुई कथित फायरिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े कार्यकर्ता
मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहे पर प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे के पास पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस की ओर पानी की बोतलें फेंके जाने की भी सूचना है।
तेजस्वी बोले- जेल से डरने वाला नहीं
हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि वह जेल से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और न्याय दिलाने के लिए राजद सड़क से सदन तक संघर्ष करता रहेगा।
मीसा भारती ने DM-SP पर कार्रवाई की मांग की
राजद सांसद मीसा भारती ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सीवान के जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
वहीं राजद नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जबकि राज्य में बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े सवाल गंभीर बने हुए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजभवन मार्च को देखते हुए राजधानी पटना में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। डाकबंगला चौराहा, आर ब्लॉक, नेहरू पथ, सचिवालय मार्ग और लोकभवन जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई थी।
ASP लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को निर्देश दिया था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए संयम बरता जाए और आवश्यकता पड़ने पर ही बल प्रयोग किया जाए।
प्रदर्शन बना राजनीतिक चर्चा का केंद्र
राजभवन मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने, नारेबाजी करने और प्रतीकात्मक रूप से लकड़ी की AK-47 लेकर पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आईं। पूरे घटनाक्रम के बाद पटना का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में बताया गया है, जबकि राजद ने छात्रों के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।
तेजस्वी और मीसा भारती को पुलिस ने किया डिटेन
तेजस्वी यादव और मीसा भारती को पुलिस ने राजद दफ्तर से फिर से डिटेन किया है। दोनों को Adm की गाड़ी मैं बैठाकर ले जाया गया है।
11 साल बाद RJD ने किया राजभवन मार्च
राजद ने 11 साल बाद राजभवन मार्च किया है। इससे पहले 2015 में पार्टी ने राजभवन मार्च किया था। उस वक्त लालू यादव सरकार से 2011 की जनगणना से जातीय गणना की रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रहे थे।
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