रांची: विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ ने बुधवार को राजधानी रांची में जोरदार प्रदर्शन किया। अल्बर्ट एक्का चौक के सामने जुटे दिव्यांगजनों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिव्यांग, वृद्ध और विधवा पेंशन में बढ़ोतरी समेत कई लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि लोक भवन के समक्ष पिछले 737 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है, लेकिन सरकार अब तक उनकी समस्याओं और मांगों के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।
पेंशन राशि बढ़ाने की मांग
झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ की प्रमुख मांगों में दिव्यांगजनों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान सहायता राशि से जीवन-यापन करना बेहद कठिन हो गया है।
संघ का कहना है कि सरकार को दिव्यांग, वृद्ध और विधवा पेंशनधारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सहायता राशि में तत्काल बढ़ोतरी करनी चाहिए।
निःशक्तता आयुक्त का पद भरने की मांग
प्रदर्शन के दौरान राज्य में लंबे समय से खाली पड़े निःशक्तता आयुक्त के पद को जल्द भरने की मांग भी उठाई गई। संघ का कहना है कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस पद पर किसी योग्य दिव्यांग व्यक्ति की नियुक्ति की जाए, ताकि दिव्यांग समाज की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा और सुलझाया जा सके।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
संघ के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब आंदोलन लगातार दो वर्षों से अधिक समय से चल रहा है, तो सरकार अब तक कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं ले सकी। उनका कहना है कि वे किसी टकराव की राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ ने मुख्यमंत्री से मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो 737 दिनों से जारी आंदोलन का समाधान निकल सकता है।
धरना और प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते रहे।
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