मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के शैक्षणिक केंद्र माने जाने वाले मुजफ्फरपुर से मानव तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 12वीं की एक छात्रा को 87 दिनों बाद तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छात्रा को भागलपुर के रेड लाइट एरिया से सुरक्षित बरामद किया गया।
घर से निकलने के बाद शुरू हुआ खौफनाक सफर
पुलिस के अनुसार, गायघाट थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा 10 मई की रात भाई की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर निकल गई। वह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अकेली बैठी रो रही थी, तभी मानव तस्करों की नजर उस पर पड़ी। तस्करों ने सहानुभूति दिखाकर उसे अपने झांसे में लिया और बेहतर नौकरी का लालच देकर अपने साथ ले गए।
कोलकाता से भागलपुर तक ‘सौदे’ का खेल
जांच में सामने आया कि छात्रा को पहले कोलकाता ले जाया गया, जहां उसे बेच दिया गया। इसके बाद उसे भागलपुर के रेड लाइट एरिया में पहुंचाया गया। पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ लगातार मारपीट, शोषण और अमानवीय व्यवहार किया गया। कई बार उसे भूखा रखा गया और नशीली दवाएं देकर प्रताड़ित किया गया।
पुलिस को यह भी आशंका है कि तस्कर उसे तीसरी बार बेचने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई हो गई।
भाई ने दर्ज कराया था अपहरण केस
छात्रा के लापता होने के बाद उसके भाई ने 12 मई को गायघाट थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन किया।
52 मिनट का ऑपरेशन, दो लड़कियां रेस्क्यू
जांच के दौरान एक तस्वीर से अहम सुराग मिला। इसके आधार पर पुलिस टीम ने भागलपुर जिले के सिवानपुर गांव में छापेमारी की। करीब 35 मिनट की रेकी के बाद ऑपरेशन शुरू हुआ और 52 मिनट के अंदर छात्रा को सुरक्षित निकाल लिया गया।
इस कार्रवाई में नालंदा की एक अन्य किशोरी को भी तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया।
संगठित गिरोह की आशंका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। बिहार में पहले भी इस तरह के मामलों में पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है, जिसमें सैकड़ों पीड़ितों को बचाया गया है।
आगे की कार्रवाई जारी
एसडीपीओ के अनुसार, एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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