पलामू: झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास का ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया। एक चाचा ने अपनी ही सोच और शक के जाल में फंसकर अपने भतीजे की हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि भतीजे की पत्नी तंत्र-मंत्र करती है, जिसकी वजह से उसकी बेटी बीमार रहती है। इसी अंधविश्वास ने देखते ही देखते एक परिवार को बर्बादी के मुहाने पर ला खड़ा किया।
मामला उंटारी रोड थाना क्षेत्र के लकड़ही टोला का है। मृतक की पहचान नंदू रजवार के पुत्र चनका रजवार के रूप में हुई है। वहीं, हत्या का आरोप मृतक के चाचा प्रभु रजवार पर लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बेटी की बीमारी का कारण मान लिया भतीजे की पत्नी को
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी प्रभु रजवार की बेटी लंबे समय से बीमार रहती थी। इसी को लेकर वह मानसिक तनाव में था। धीरे-धीरे उसके मन में यह शक बैठ गया कि भतीजे की पत्नी तंत्र-मंत्र करती है और उसी कारण उसकी बेटी की तबीयत खराब रहती है।
हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अंधविश्वास और गलतफहमी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अपने ही परिवार के सदस्य को इसका जिम्मेदार मान लिया।
अचानक कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और कर दिया हमला
बताया जा रहा है कि घटना के समय चनका रजवार अपने घर में मौजूद था। इसी दौरान आरोपी प्रभु रजवार वहां पहुंचा और विवाद के बाद उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से चनका को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के वक्त मृतक की पत्नी भी घर में मौजूद थी। हमले को देखकर वह डर गई और किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
गांव में फैली दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल
घटना के बाद लकड़ही टोला में सनसनी फैल गई। जिस चाचा-भतीजे के रिश्ते को परिवार की मजबूती माना जाता है, वही रिश्ता अंधविश्वास की वजह से खून में बदल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से बेटी की बीमारी को लेकर परेशान रहता था और बार-बार तंत्र-मंत्र जैसी बातों का जिक्र करता था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह शक इतनी बड़ी वारदात का कारण बन जाएगा।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही उंटारी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी प्रभु रजवार को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी संतोष गिरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे अंधविश्वास और शक मुख्य वजह सामने आ रही है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
जब अंधविश्वास ने छीन ली इंसानियत
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि बीमारी और परेशानियों का वैज्ञानिक समाधान तलाशने की जगह जब लोग अंधविश्वास और भ्रम का सहारा लेते हैं, तो उसका परिणाम कितना खतरनाक हो सकता है।
एक बेटी की बीमारी से शुरू हुआ डर, शक में बदला और उसी शक ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। पलामू की यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि अंधविश्वास सिर्फ सोच को नहीं, बल्कि कभी-कभी पूरी जिंदगी को तबाह कर देता है।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: 10 हजार की घूस में ‘पंचायत बाबू’ गिरफ्तार, ACB के जाल में फंसा सेवक, दफ्तर में मचा हड़कंप!