हाजीपुर: पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने 21 सितंबर 2026 को हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेल मुख्यालय में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर किए जा रहे इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी।
महाप्रबंधक ने बताया कि देश के विभिन्न शहरों से बिहार आने वाले यात्रियों और त्योहार समाप्त होने के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए जरूरत के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना और प्रमुख रेलखंडों पर भीड़ का दबाव कम करना है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के ठहरने के लिए होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर यात्रियों के लिए पेयजल, ट्रेनों के आवागमन की उद्घोषणा, मेडिकल बूथ समेत अन्य जरूरी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से स्टेशन परिसर में प्रवेश और ट्रेनों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
24 घंटे निगरानी के लिए बनेगा वार रूम
यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख स्टेशनों पर विशेष निगरानी व्यवस्था की जाएगी। महाप्रबंधक ने बताया कि स्टेशनों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए वार रूम बनाया जाएगा। यहां से स्टेशनों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकेंगे।
स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल की अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती भी की जाएगी। प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया में विशेष निगरानी रखी जाएगी। यात्री सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए सुरक्षा बल और रेलकर्मी लगातार चौकसी बरतेंगे।
सामान्य बोगियों में कतारबद्ध तरीके से चढ़ेंगे यात्री
लंबी दूरी की अधिक भीड़ वाली ट्रेनों की सामान्य श्रेणी की बोगियों में यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से चढ़ाने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से ट्रेन में चढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
मोकामा का नया गंगा रेल पुल जल्द होगा परिचालन में
संवाददाता सम्मेलन में डिम्पी गर्ग ने पूर्व मध्य रेल में चल रही महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने मोकामा में गंगा नदी पर निर्मित नए रेल पुल को महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि इसके चालू होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को एक अतिरिक्त मार्ग मिलेगा। इससे रेल परिचालन को सुगम बनाने और भविष्य में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए 21 सितंबर से नॉन-इंटरलॉकिंग यानी एनआई कार्य शुरू किया गया है, जो 4 अक्टूबर तक चलेगा। इस कार्य के कारण इस अवधि में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है।
भागलपुर के पास भी बनेगा नया रेल पुल
महाप्रबंधक ने बताया कि भागलपुर के पास गंगा नदी पर विक्रमशिला और कटारिया के बीच एक और नए रेल पुल का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना को अगस्त 2024 में 2171.34 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति मिली थी। इसके पूरा होने का लक्ष्य अगस्त 2031 निर्धारित किया गया है।
डीडीयू-झाझा रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन की योजना
पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच लगभग 400 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन से जुड़ी परियोजना की भी जानकारी दी। योजना के तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी रेल लाइन तथा किऊल से झाझा तक तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जाना है।
परियोजना को अलग-अलग छोटे रेलखंडों में बांटकर काम किया जा रहा है। इनमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा रेलखंड शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
97 स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकास
स्टेशनों के आधुनिकीकरण की जानकारी देते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें चंदौली मझवार, दौरम मधेपुरा, बनमनखी, गोमो और कतरासगढ़ जैसे स्टेशनों का काम लगभग पूरा हो चुका है।
वहीं सलौना, सुपौल और लखीसराय समेत कुछ अन्य स्टेशनों के कार्य को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्टेशन परिसरों की सुविधाओं और यात्री अनुभव में भी सुधार होगा।
महाप्रबंधक ने कहा कि पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। अतिरिक्त ट्रेनों, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और स्टेशनों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ काम किया जा रहा है।
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