नालंदा: 15 जून की वो खौफनाक रात, जब चोरी के शक में दो युवकों—श्रवण और पिंटू—को भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया… अब वही मामला सियासत का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
गुरुवार शाम, इस दर्दनाक कहानी में एक नया मोड़ आया—जब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान खुद गंजपर गांव पहुंचे। शोक में डूबे परिवारों के बीच पहुंचे चिराग ने न सिर्फ आंसू पोंछे, बल्कि ऐसे वादे भी कर दिए, जिसने इस केस को सीधे “राजनीतिक सेंटर स्टेज” पर ला खड़ा किया।
“नौकरी भी, पढ़ाई भी… और इंसाफ भी!”
चिराग पासवान ने साफ कहा—पीड़ित परिवारों को नौकरी दिलाई जाएगी, बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाएगा और दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। उनका ये बयान अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है।
‘मॉब जस्टिस’ पर सियासी वार
उन्होंने इस घटना को “बर्बर और शर्मनाक” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। उधर, प्रशासन पहले ही 6 आरोपियों को पकड़ चुका है या सरेंडर करा चुका है—लेकिन सवाल अब भी वही है: क्या बाकी आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे होंगे?
दिल्ली तक गूंजा मामला
सूत्रों के मुताबिक, इस केस की गूंज दिल्ली तक पहुंच चुकी है। चिराग पासवान ने खुद गृह मंत्री अमित शाह से बात की, वहीं बिहार सरकार भी हाई अलर्ट मोड में दिख रही है।
बड़ा सवाल
क्या यह सिर्फ एक क्राइम केस है… या आने वाले समय में बिहार की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट?
नालंदा की इस कहानी में दर्द भी है, गुस्सा भी… और अब सियासत का तड़का भी। आगे क्या होगा—इस पर पूरे राज्य की नजर टिकी है।
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