पटना: ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत जमीन मिलने की सूचना ने सोमवार को बिहार के कई जिलों के लोगों को पटना पहुंचा दिया। मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर अचानक बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य लाभुक जुट गए। भीड़ इतनी बढ़ी कि सचिवालय के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अफवाह ने बढ़ाई भीड़
बताया गया कि सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह सूचना फैल गई थी कि ‘बसेरा-2’ के तहत जमीन के लिए आवेदन मुख्यमंत्री सचिवालय में जमा किए जा रहे हैं और आवेदन के बाद जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। इसी सूचना के आधार पर बक्सर, भोजपुर, गया, नालंदा और औरंगाबाद समेत कई जिलों से लोग पटना पहुंच गए।
हालांकि, सचिवालय के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को योजना की प्रक्रिया समझाई। सचिवालय डीएसपी डॉ. अनु ने माइक से लगातार घोषणा कर बताया कि बसेरा-2 के आवेदन मुख्यमंत्री सचिवालय में जमा नहीं होते हैं।
अंचल कार्यालय में होगा आवेदन
अधिकारियों के अनुसार पात्र लाभुकों की पहचान, जमीन की उपलब्धता, सत्यापन और आगे की प्रक्रिया संबंधित अंचल कार्यालय एवं जिला प्रशासन के स्तर से पूरी की जाएगी। इसके बाद लोगों को वापस लौटाया गया और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई।
दरअसल, राज्य सरकार ने 30 हजार भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाना है।
पटना जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री सचिवालय आने की जरूरत नहीं है। लाभुक अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन करें और योजना से जुड़ी जानकारी अधिकृत सरकारी माध्यमों से प्राप्त करें।
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