गया: जहां स्कूलों में बच्चों को किताबों के लिए इंतजार करना पड़ता है, वहीं गया के एक सरकारी स्कूल से चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है—यहां किताबें बांटी नहीं जा रहीं, बल्कि कबाड़ में बेची जा रही हैं!
कोच प्रखंड के छतीहर जमालपुर विद्यालय के छात्रों ने खुद इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया है। बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर सरकारी किताबें नहीं मिलीं, लेकिन उन्हीं किताबों को बोरी में भरकर ऑटो से कबाड़ी दुकान तक पहुंचाया जा रहा था।
छात्रों ने हिम्मत दिखाते हुए मोबाइल से वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किताबों से भरी बोरियां ऑटो पर लादी जा रही हैं और उन्हें कबाड़ में बेचने के लिए ले जाया जा रहा है।
वीडियो में बच्चे एक ‘अर्चना मैडम’ का नाम भी लेते सुनाई दे रहे हैं, जिन पर किताबें बेचने का आरोप लगाया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं—आखिर बच्चों के हक की किताबें कबाड़ में कैसे पहुंच गईं?
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुए कहा है कि वीडियो की सत्यता की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भी खेल हो रहा है? या फिर यह सिर्फ एक लापरवाही है?
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