शेखपुरा: जिले के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को लेकर अब सियासी और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। खराब पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू कराने और लोगों तक नियमित पानी पहुंचाने की मांग को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष रेशमा भारती ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिले में पेयजल की मौजूदा स्थिति और नल-जल योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर योजनाएं खराब होने या आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है।
खराब योजनाओं को लेकर मंत्री ने लिया संज्ञान
भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से समस्या रखे जाने के बाद मंत्री संजय सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने खराब नल-जल योजनाओं को दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री के निर्देश के बाद अब विभागीय स्तर पर संबंधित योजनाओं की स्थिति की समीक्षा और खराब पड़े सिस्टम को ठीक कराने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
लोगों को मिले नियमित पानी, यही मुख्य मांग
मुलाकात के दौरान मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों के घरों तक नियमित रूप से पानी पहुंचे। नल-जल योजना का उद्देश्य ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों को घर के पास स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
स्थानीय स्तर पर नल-जल योजना में खराबी आने से कई परिवारों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ता है। ऐसे में खराब योजनाओं की समय पर मरम्मत और नियमित निगरानी की जरूरत बताई गई।
जिलाध्यक्ष ने उठाई जिले की आवाज
रेशमा भारती ने मंत्री के समक्ष शेखपुरा जिले की पेयजल संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से रखा और जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में नल-जल योजना खराब है, वहां संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराया जाना चाहिए।
मंत्री की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए जाने के बाद अब लोगों की नजर विभागीय कार्रवाई पर है। यदि खराब योजनाओं की मरम्मत समय पर होती है और पानी की आपूर्ति नियमित होती है, तो इससे पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
फिलहाल गेंद अब विभागीय अधिकारियों के पाले में है। मंत्री के निर्देश के बाद यह देखना अहम होगा कि शेखपुरा की खराब नल-जल योजनाएं कितनी जल्दी जमीन पर दोबारा पानी पहुंचाती हैं।
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