पटना: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है और सरकार अपराधियों पर कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद एक और सरकारी अधिकारी की हत्या हो गई, लेकिन सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सिर्फ ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराकर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जबकि कई अन्य पहलुओं की भी जांच जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोजपा विधायक सोनू सिंह पर परिवार की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें कथित तौर पर 50 लाख रुपये की मांग का आरोप भी शामिल है। तेजस्वी ने कहा कि पुलिस को इस एंगल से भी जांच करनी चाहिए और हर संदिग्ध की भूमिका सामने लानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने का समय नहीं
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास कार्यक्रमों में जाने और ड्रामा देखने का समय है, लेकिन पीड़ित परिवार से मिलने का समय नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक अधिकारी की हत्या हो रही है तो सरकार जवाबदेही क्यों नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि अगर काम के दबाव या छुट्टी नहीं मिलने की वजह से हत्या को सही ठहराया जा सकता है तो यह बेहद खतरनाक तर्क होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के साथ विवाद होने का मतलब यह नहीं कि कोई उसकी हत्या कर दे।
क्या विधायक का एनकाउंटर कराएंगे मुख्यमंत्री?
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर कहते हैं कि अपराधियों को पाताल से भी खोज निकालेंगे, तो अब देखना होगा कि इस मामले में भी वह कार्रवाई करते हैं या नहीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार आरोपी विधायक पर कार्रवाई करेगी या सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगी।
ड्राइवर मिथिलेश पर हत्या का आरोप
गौरतलब है कि डेहरी नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की हत्या औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में घनौती पुल के पास हुई थी। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पटना जा रहे थे। गंभीर हालत में मिलने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच के दौरान पुलिस ने उनके चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चालक ने हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि काम के दबाव और आपसी विवाद के कारण उसने घटना को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय वाहन रोकने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद चालक ने कथित तौर पर हमला किया। वहीं आरोपी की पत्नी पहले ही इस पूरे मामले को साजिश बताते हुए पुलिस जांच पर सवाल उठा चुकी हैं।
एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी थी।
ईओ विमल कुमार हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार की कानून व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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