बांका: सरकारी दफ्तर में फाइल चलाने का ‘रेट’ तय था… लेकिन इस बार खेल उल्टा पड़ गया। पटना निगरानी की टीम ने ऐसा जाल बिछाया कि बांका जिला परिषद का पूरा सिस्टम हिल गया। कनीय अभियंता ओमप्रकाश मंडल और क्लर्क जागेश्वर मंडल 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते ही दबोच लिए गए—वो भी कैमरे जैसी सटीक प्लानिंग के बीच।
फाइल बढ़ेगी, तो पैसा लगेगा’—यही था खेल!
एक संवेदक से काम के बदले मोटी रकम मांगी जा रही थी। शिकायत पहुंची तो निगरानी ने पहले चुपचाप जांच की… आरोप सही निकले। फिर शुरू हुआ ऑपरेशन—पूरा सेटअप, पूरा जाल और सीधा ट्रैप।
जैसे ही पैसा हाथ में आया… वैसे ही खेल खत्म!
सोमवार को तय रकम जैसे ही दी गई, पहले से घात लगाए टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। मौके पर ही पूरा ‘लेन-देन’ बेनकाब हो गया।
ऑफिस का गेट बंद, अंदर हड़कंप—बाहर भीड़
छापेमारी इतनी अचानक थी कि जिला परिषद कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। अंदर अफरा-तफरी, बाहर लोगों की भीड़—हर कोई जानना चाहता था कि आखिर हुआ क्या है। उस वक्त कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
अब खुलेगा ‘सिस्टम का सच’?
दोनों आरोपियों को पटना ले जाया गया है। पूछताछ में यह सामने आ सकता है कि क्या यह सिर्फ दो लोगों का खेल था या पूरे सिस्टम में ‘रिश्वत की चेन’ चल रही थी।
बता दें बिहार में पहले भी कई जगहों पर इसी तरह की कार्रवाई में अधिकारियों को घूस लेते पकड़ा गया है, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचार की जड़ें अभी भी गहरी हैं।
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