गया: जिला कल्याण कार्यालय में सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में लिपिक धीरज कुमार और डेटा एंट्री ऑपरेटर रोहित कुमार पर फर्जी हस्ताक्षर और पासवर्ड का दुरुपयोग कर 26.90 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप है।
वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार की शिकायत पर सिविल लाइन्स थाना में प्राथमिकी (कांड सं. 418/2026) दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि डेटा एंट्री ऑपरेटर ने जिला कल्याण पदाधिकारी के कंप्यूटर से सीएफएमएस (CFMS) का लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर लिया। इसके बाद फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कर स्वीकृति आदेश जारी किए गए और कोषागार से राशि निकाली गई।
पहली घटना 19 मई 2026 की बताई जा रही है, जब 13.90 लाख रुपये आरोपी धीरज कुमार के भाई के खाते में ट्रांसफर किए गए। वहीं 20 मई 2026 को 14 अलग-अलग खातों में कुल 13 लाख रुपये भेजे गए। इन खातों में आरोपी के परिवार के सदस्यों के खाते शामिल हैं।
मामले का खुलासा 2 जुलाई को हुआ, जब कार्यालय में प्रभार हस्तांतरण से पहले बिलबुक और कैशबुक की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से बिल पारित कर राशि निकासी की बात सामने आई।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
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