पटना: एशिया की धरती पर एक बार फिर भारत का परचम लहराया है। मस्कट (ओमान) में आयोजित युवा हॉकी-5 एशियाई चैम्पियनशिप 2026 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत में बिहार के लाल सावन कुमार ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
बिहार के बेटे ने रचा इतिहास
पटना निवासी सावन कुमार ने फाइनल मुकाबले में बेहतरीन गोलकीपिंग करते हुए विपक्षी टीम के कई मजबूत हमलों को नाकाम कर दिया। उनके दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गोलरक्षक और फाइनल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब दिया गया। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश में खुशी की लहर है।
पहले भी दिखा चुके हैं दम
सावन कुमार इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। वे अंडर-18 पुरुष एशिया कप हॉकी 2026 की विजेता भारतीय टीम के भी अहम गोलरक्षक रहे हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय हॉकी का उभरता सितारा बना दिया है।
खेल प्राधिकरण ने दी बधाई
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने सावन कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि सावन ने साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन के दम पर बिहार के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने सावन
सावन कुमार की यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों और सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
भारत की इस शानदार जीत और सावन कुमार के दमदार प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया—
टैलेंट कहीं भी हो सकता है, बस उसे मौका और मंच चाहिए।