पटना: बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया। देर रात उन्हें नौबतपुर थाने से मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से यह फैसला आया।
मामला उस समय का है जब बिहार बंद के दौरान तेजप्रताप यादव पटना में छात्रों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में हुए प्रदर्शन के दौरान झड़प और पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने बाद में उनकी लोकेशन ट्रेस कर पटना के सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नौबतपुर थाने ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया।
गिरफ्तारी पर उठे सवाल
तेजप्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के बाद गंभीर धाराएं जोड़ी गईं और FIR की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कोर्ट में रिहाई की मांग भी की है।
राज्यभर में कार्रवाई तेज
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 423 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई पटना जिले में हुई है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।
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