किशनगंज: जिले के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली सीमेंट बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है। समदा खिरदोह गांव में चल रही इस फैक्ट्री में खराब और पत्थर बन चुके सीमेंट को पीसकर नया पाउडर तैयार किया जाता था और उसमें अन्य सामग्री मिलाकर उसे नामी कंपनियों की बोरियों में पैक कर बाजार में असली सीमेंट के नाम पर बेचा जाता था।
पुलिस की कार्रवाई में नकली सीमेंट बनाने के पूरे खेल का खुलासा हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में काम कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था और अधिकतर गतिविधियां रात के समय की जाती थीं, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। तैयार नकली सीमेंट को ट्रैक्टर के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था।
6 घंटे काम के मिलते थे 1200 रुपये
पुलिस पूछताछ में मजदूरों ने बताया कि उन्हें फैक्ट्री में रोजाना करीब छह घंटे काम करना पड़ता था, जिसके बदले उन्हें 1200 रुपये मजदूरी दी जाती थी। मजदूरों के अनुसार उनका काम खराब सीमेंट को पीसना, मिलावट करना और उसे बोरियों में पैक करना था।
13 टन से अधिक नकली सीमेंट बरामद
एसडीपीओ वन खुसरु सिराज के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान मौके से 13 टन से अधिक नकली सीमेंट, विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों की खाली बोरियां और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि नकली सीमेंट की सप्लाई किन-किन इलाकों में की गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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