लखीसराय: श्रावणी मेला को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लेने निकले जिला प्रशासन के औचक निरीक्षण में बड़हिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार देर रात जिला पदाधिकारी के निरीक्षण के दौरान अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने रात करीब 7:58 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर की स्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। डीएम के पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायतें रखीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोपहर 3 बजे के बाद अक्सर कई चिकित्सक अस्पताल से चले जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि आपात स्थिति में भी लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था भी प्रभावी रूप से संचालित नहीं पाई गई। डीएम ने अस्पताल का रोस्टर जांचा तो उसमें भी गड़बड़ी सामने आई।
बताया गया कि शनिवार को डॉक्टर मनीष साहू और डॉक्टर वंदना कुमारी की सुबह 8 बजे तक ड्यूटी निर्धारित थी। इसके बाद मनीष साहू की ड्यूटी बताई गई थी। जांच में यह बात सामने आई कि एक ही चिकित्सक से कई शिफ्टों में ड्यूटी कराई जा रही है और रोस्टर में भी खामियां हैं।
जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को रोस्टर की जांच करने और संबंधित चिकित्सकों व कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है। साथ ही अस्पताल के बाहर चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से लगाने को कहा गया है, ताकि मरीजों और परिजनों को डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। डीएम को जानकारी मिली कि अस्पताल को अनधिकृत रूप से पुराने रेफरल अस्पताल परिसर में संचालित किया जा रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण देने और दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए और नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में अधिकृत चिकित्सकों के रोस्टर के अनुसार नियमित स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जाएं।
वहीं, नगर परिषद बड़हिया के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़हिया सहित कई अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
