पटना: गंगा का कहर अब सिर्फ बाढ़ तक सीमित नहीं रहा—यह धीरे-धीरे जमीन को निगलने वाली ‘दैत्य’ बन चुकी है। मोकामा में हालात इतने खतरनाक हो गए हैं कि हजारों बीघा उपजाऊ जमीन देखते ही देखते नदी में समा गई, और अब डर है कि अगला नंबर गांवों का हो सकता है।
मोकामा पूर्वी और पश्चिमी दोनों इलाकों में गंगा का कटाव रुकने का नाम नहीं ले रहा। रोजाना मिट्टी खिसक रही है, खेत दरक रहे हैं और किसान बेबस होकर अपनी जमीन को बहते देख रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह तबाही धीरे-धीरे नहीं, बल्कि आंखों के सामने LIVE हो रही है—जहां एक-एक कर खेत गंगा में समाते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है, कई परिवार पलायन की तैयारी में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दर्जनों गांवों का नामो-निशान तक मिट सकता है।