पटना: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार पटना में शराब तस्करों ने सरकारी सिस्टम की पहचान का सहारा लेकर शराब की खेप पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मामले में पुलिस ने एक ऐसे वाहन को पकड़ा है, जिस पर बिहार सरकार कृषि विभाग आयुक्त का बोर्ड लगा हुआ था। जांच के दौरान वाहन से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। आरोपियों के पास से कथित तौर पर IAS अधिकारी, बॉडीगार्ड और वाहन चालक के नाम से बनाए गए फर्जी आईकार्ड भी मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिस वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसका पहले कृषि आयुक्त कार्यालय में उपयोग किया जाता था। इसी बात का फायदा उठाकर तस्करों ने सरकारी वाहन जैसा दिखाने की कोशिश की और शराब की तस्करी करने लगे।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और फर्जी पहचान पत्र व सरकारी बोर्ड की व्यवस्था कैसे की गई।
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। कभी एंबुलेंस तो कभी लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल करने के मामले सामने आते रहे हैं। अब सरकारी पहचान का सहारा लेकर शराब तस्करी की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।