रांची: मोरहाबादी मैदान के पास लगने वाले साप्ताहिक हाट को हटाने के फैसले ने अब बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सैकड़ों सब्जी विक्रेता खुलकर निगम प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। बुधवार को दुकानदारों ने विरोध का तीखा तरीका अपनाते हुए सीधे रांची नगर निगम कार्यालय के गेट के सामने ही सब्जियां बेचनी शुरू कर दीं।
दुकानदारों का आरोप है कि यह फैसला गरीबों की रोजी-रोटी छीनने वाला है। “अफसरों और बड़े लोगों को सैर में दिक्कत न हो, इसलिए हमें उजाड़ा जा रहा है” — यह आरोप लगाते हुए विक्रेताओं ने निगम प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
प्रदर्शन के दौरान निगम के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन दुकानदार पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि अगर हाट बंद रहेगा तो वे रोज सड़क पर ही दुकान लगाएंगे।
सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि मोरहाबादी हाट से सैकड़ों परिवारों का पेट पलता था, लेकिन निगम के एक फैसले ने उन्हें बेरोजगार कर दिया। “जब काम ही छीन लिया जाएगा, तो परिवार कैसे चलेगा?” — इस सवाल के साथ दुकानदारों का गुस्सा साफ झलक रहा था।
हालांकि, दोपहर बाद दुकानदार वहां से हट गए, लेकिन साफ चेतावनी दे गए कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा।
अब यह मामला सिर्फ एक हाट हटाने का नहीं, बल्कि सिस्टम बनाम आम गरीब की लड़ाई बन चुका है — जहां सवाल उठ रहा है कि आखिर विकास की कीमत कौन चुका रहा है?
ये खबर भी पढ़े: Success Story: मिट्टी से माइक्रोचिप तक: गिरिडीह की बेटियों ने बदली झारखंड की पहचान, PM से मिलीं, CM हेमंत सोरेन भी हुए गर्वित!