पटना: राजधानी पटना के पटना जंक्शन पर शनिवार को एक ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पुलिस से लेकर आम यात्रियों तक को हैरान कर दिया। वर्दी का रौब झाड़कर लोगों को भरोसे में लेने वाला एक ‘फर्जी दरोगा’ आखिरकार जीआरपी के हत्थे चढ़ गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जहानाबाद निवासी रंजन कुमार के रूप में हुई है, जो वंदे भारत ट्रेन में सवार होकर यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। उसका तरीका भी बेहद शातिर था—वर्दी की फोटो, फर्जी आईडी और पुलिसिया अंदाज… और फिर मौका मिलते ही मोबाइल, लैपटॉप और कीमती सामान गायब!
अगर किसी यात्री को शक होता, तो वह तुरंत अपना ‘दरोगा’ वाला रौब दिखाकर मामला शांत कर देता। लेकिन बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस सतर्क हो गई थी।
शनिवार को जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध हुलिया वाला व्यक्ति वंदे भारत से उतरकर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मौजूद है, जीआरपी टीम ने बिना देर किए घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल में पुलिस वर्दी पहने कई फोटो मिले, जिससे उसका पूरा खेल खुल गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रंजन कुमार के इस ‘फर्जी दरोगा’ वाले सच से उसका परिवार भी अनजान था। यहां तक कि उसकी पत्नी भी उसे असली पुलिसकर्मी ही समझती थी। आरोपी ने खुद बताया कि उसने 2019 में दरोगा की परीक्षा दी थी, लेकिन असफल रहा। इसके बावजूद उसने घरवालों को नौकरी लगने की झूठी कहानी सुना दी और वर्दी में फोटो खिंचवाकर भेज दी।
यानी, एक झूठ से शुरू हुई कहानी धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में बदल गई—और अब उसका अंत पटना जंक्शन पर गिरफ्तारी के साथ हुआ।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितने यात्रियों को अपना शिकार बनाया।
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