झारखंड: झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें विशेष रूप से पश्चिम बंगाल से सटे जिलों में मानसून का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। साथ ही तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
इसी बीच पिछले 24 घंटे में संताल परगना क्षेत्र से दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जहां वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से दो सगी बहनों समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई।
दुमका जिले के काठीकुंड क्षेत्र में शिवलाल मुर्मू की दो बेटियां मिरु मुर्मू और अनीता मुर्मू ठनका गिरने से मौके पर ही मौत का शिकार हो गईं। वहीं देवघर जिले के मधुपुर में अमरनाथ यादव और उनके साले अशोक यादव की भी वज्रपात से जान चली गई। चितरा क्षेत्र में रामरेश किस्कू के पुत्र देव कुमार की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
मौसम विभाग ने जिन 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रांची, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा शामिल हैं।
पिछले दो दिनों के बारिश आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम में 84.8 मिमी, मेदनीनगर में 71.6 मिमी, धनबाद में 71.2 मिमी, दुमका में 58.6 मिमी, रांची (खलारी) में 49.8 मिमी, लातेहार में 43.5 मिमी, बोकारो में 43 मिमी, जामताड़ा में 42.6 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम में 40.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अन्य जिलों में भी 20 से 30 मिमी तक वर्षा हुई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदनीनगर में 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और वज्रपात के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
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