जमशेदपुर: जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल अब सिर्फ विरोध नहीं रहे, बल्कि एक बड़े सियासी विवाद का रूप ले चुके हैं। विधायक सरयू राय के एक तीखे बयान ने पूरे शहर की बहस को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा—“जिस तरह से घटनाएं हो रही हैं, जमशेदपुर अब चापड़पुर बनता जा रहा है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब शहर में डीडी बार हत्याकांड को लेकर आक्रोश चरम पर है और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
मशाल जुलूस से गरमाया माहौल
गुरुवार शाम माइकल जॉन ऑडिटोरियम से निकला विशाल मशाल जुलूस शहर की सड़कों पर गूंजता रहा। सैकड़ों लोगों की भीड़, हाथों में तख्तियां और नारों की गूंज—“प्रशासन होश में आओ”, “जमशेदपुर बंद रहेगा”—ने माहौल को पूरी तरह राजनीतिक और भावनात्मक बना दिया।
इस आंदोलन में कई समाजों और राजनीतिक दलों की भागीदारी ने इसे और बड़ा रूप दे दिया।
‘बंद’ का ऐलान और सियासी चेतावनी
सरयू राय ने 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का ऐलान करते हुए इसे प्रशासन के खिलाफ “सीधी चेतावनी” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और संरक्षण के कारण शहर में अपराध बढ़ते जा रहे हैं।
‘पानी नाक के ऊपर चला गया है…’
मीडिया से बातचीत में सरयू राय ने कहा कि अगर समय रहते पुलिस सक्रिय होती तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं। उन्होंने अवैध कारोबार और अपराधी नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
डीडी बार हत्याकांड के बाद जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी ने इस पूरे मामले को और गरमा दिया है।
शहर में माहौल तनावपूर्ण है, और हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या जमशेदपुर की कानून व्यवस्था वाकई “चापड़पुर मॉडल” बनती जा रही है?
ये खबर भी पढ़े: Bihar: नालंदा में पीड़ित परिवार से मिले चिराग पासवान, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा!
