शेखपुरा: शेखपुरा जिले के शेखोपुर सराय प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में इन दिनों नीलगाय किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन चुकी हैं। खेतों में लहलहाती और तैयार फसलें नीलगायों के झुंड द्वारा बेरहमी से रौंदी जा रही हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो जा रही है। हालात यह हैं कि अब किसान फसल से ज्यादा अपनी सुरक्षा और रोज़ी-रोटी को लेकर चिंतित हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार नीलगाय दिन हो या रात, बेखौफ खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों, चना, मसूर समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। कई गांवों में किसान मजबूरी में रात-रात भर खेतों में जागकर पहरा दे रहे हैं, फिर भी फसल बचा पाना उनके लिए नामुमकिन होता जा रहा है।
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चारूआंवां गांव के किसान जमील आलम, अमीर आलम, सिंटू और नन्हू सहित अन्य किसानों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी बार-बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो वन विभाग और न ही कृषि विभाग की ओर से कोई ठोस पहल देखने को मिली है। फसल क्षति के मुआवज़े की कोई व्यवस्था नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
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किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शेखोपुर सराय प्रखंड में नीलगाय नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी योजना लागू की जाए, फसल क्षति का मुआवज़ा दिया जाए तथा खेतों की सुरक्षा के लिए शूटरों की तैनाती और अन्य कारगर उपाय किए जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
मो.सरवर आलम, शेखोपुरसराय (शेखपुरा)