शेखपुरा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेखपुरा द्वारा अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संवेदीकरण सह विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य POCSO (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम) से जुड़े मामलों में अतिसंवेदनशील गवाहों की गवाही प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने की। उन्होंने अधिवक्ताओं को बताया कि अब POCSO मामलों में अतिसंवेदनशील गवाहों की गवाही के लिए जिला न्यायालय में एक नई तकनीक की शुरुआत की गई है, जिससे गवाहों को सुरक्षित वातावरण में बिना किसी दबाव के अपनी बात रखने में मदद मिलेगी।
इस दौरान अधिवक्ताओं को गवाही की नई प्रक्रिया, उसके संचालन और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। सचिव ने बताया कि इस पहल से विशेष रूप से बच्चों और अन्य संवेदनशील गवाहों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मानसिक दबाव से राहत मिलेगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सशक्त होगी।
कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। इसमें संघ के अध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सचिव बीपीन कुमार सिंह, डिफेंस के चीफ बीरेन्द्र कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
सभी अधिवक्ताओं ने इस नई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता दोनों बढ़ेंगी। कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ताओं ने इस तकनीक को अपनाने और प्रभावी तरीके से लागू करने का संकल्प लिया।
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